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🏆 Level 3 · Advanced
21.Higher Algebra — Cubic & Quartic Equations 22.Matrices & Determinants — Vedic Methods 23.Calculus — Vedic Differential Calculus 24.Calculus — Vedic Integral Calculus 25.Statistics & Probability — Vedic Computation 26.Complex Numbers — Vedic Approach 27.Series & Sequences — Vedic Patterns 28.Geometry — Vedic Constructions & Proofs 29.Applied Vedic Math — Competitive Exam Focus 30.Research Topics & Original Extensions

Module 27: Series & Sequences — Vedic Patterns

Sutra focus: Sutra 1 | Sutra 14 | Sutra 15

🕉️ वैदिक गणित — लेवल 3: एडवांस्ड

मॉड्यूल 27: सीरीज़ और सीक्वेंस — वैदिक पैटर्न

पूरा स्टडी मटीरियल | थ्योरी + उदाहरण + प्रैक्टिस + टेस्ट बैंक


" एकाधिकेन और एकन्यूनन की बारी-बारी से आने वाली लय के ज़रिए, अनंत संख्याएँ खुद को अनुमानित संरचनात्मक पैटर्न में व्यवस्थित कर लेती हैं; यह साबित करता है कि अनंतता अराजक नहीं है, बल्कि सममित रूप से व्यवस्थित है।" — केनेथ विलियम्स, वैदिक गणित शिक्षक


📋 मॉड्यूल पर एक नज़र

आइटम विवरण
लेवल एडवांस्ड (लेवल 3)
मॉड्यूल नंबर 30 में से 27
टारगेट उम्र 16–18 साल / ग्रेड 11–12 (JEE, मैथ ओलंपियाड, और इनफ़िनिट कैलकुलस एनालिसिस के लिए ज़रूरी)
अवधि 6–7 घंटे (थ्योरी: 2.5 घंटे, प्रैक्टिस: 3 घंटे, टेस्ट: 1.5 घंटे)
ज़रूरी शर्तें मुख्य बीजगणितीय गुणनखंडन, बुनियादी सीक्वेंस लेआउट, भिन्नात्मक वितरण
सूत्र पर फोकस सूत्र 1: एकाधिकेन पूर्वेण (पिछले से एक ज़्यादा), सूत्र 14: एकन्यूनन पूर्वेण (पिछले से एक कम), और सूत्र 15: गुणितसमुच्चयः (योग का गुणनफल, गुणनफलों के योग के बराबर होता है)
अगला मॉड्यूल मॉड्यूल 28: कॉम्प्लेक्स नंबर — शुद्ध वैदिक वेक्टर रोटेशन

🎯 सीखने के नतीजे

इस मॉड्यूल के आखिर तक, छात्र ये कर पाएँगे:

  1. सममित पेयरिंग का इस्तेमाल करके, अंकगणितीय श्रेढ़ियों (AP) का योग लाइन-दर-लाइन निकालना।
  2. बड़े बीजगणितीय विस्तारों के बिना, अनुरूप्येन (स्टेप-रेशियो) के ज़रिए गुणोत्तर श्रेढ़ियों (GP) का मूल्यांकन करना।
  3. पूरणापूरणाभ्यां की संरचनात्मक भरण (structural filling) विशेषता का इस्तेमाल करके, अनंत गुणोत्तर श्रेणियों को तुरंत हल करना।
  4. क्रमिक संरचनात्मक समायोजन का इस्तेमाल करके, पहले $n$ प्राकृत संख्याओं के वर्गों ($\sum n^2$) और घनों ($\sum n^3$) का योग निकालना। 5. फ़िबोनाची अनुक्रम में छिपे हुए विशिष्ट डिजिटल रूट पैटर्न (बीजांक) को पहचानें और लागू करें।
  5. तीव्र दिशात्मक ऊर्ध्व सूचकांक पैटर्न का उपयोग करके द्विपद घातों का विस्तार करें।
  6. बाएँ से दाएँ गणना विस्तार का उपयोग करके जटिल फलनों को टेलर-समकक्ष घात श्रेणियों में अनुमानित करें।
  7. व्यवकलन (घटाव विभाजन संतुलन) का उपयोग करके जटिल परिमेय भिन्नों को सरल टेलीस्कोपिंग श्रेणियों में विभाजित करें।

भाग 1: सिद्धांत


1.1 — समांतर श्रेणी का योग: वैदिक मानसिक सूत्र

संख्याओं की एक श्रेणी समांतर श्रेणी (AP) कहलाती है, यदि उसके क्रमागत पदों के बीच का अंतर स्थिर रहता है (उदाहरण के लिए: $a, a+d, a+d, \dots$)। पारंपरिक स्कूली बीजगणित में $n$ पदों का योग ज्ञात करने के लिए सूत्र $S_n = \frac{n}{2}[2a + (n-1)d]$ का उपयोग किया जाता है, जिसमें कई बीजगणितीय चरण शामिल होते हैं।

वैदिक अनुक्रम विश्लेषण इस समस्या को सममित संतुलन (symmetric balancing) के माध्यम से हल करता है। श्रेणी को एक साथ दोनों छोरों से देखने पर, प्रत्येक अनुक्रम ऐसे जोड़े बनाता है जिनका योग समान होता है। इस सूत्र को मानसिक रूप से सरल बनाकर निम्न रूप दिया जा सकता है:

$$S_n = \text{जोड़ों की संख्या} \times \text{सममित जोड़े का मान} = \frac{n}{2} \times (\text{प्रथम पद} + \text{अंतिम पद})$$

यदि श्रेणी में पदों की संख्या विषम है, तो ठीक मध्य वाला पद तुरंत अलग हो जाता है, और योग की गणना इस प्रकार की जाती है:

$$S_n = n \times \text{मध्य पद}$$

यह विधि आपको श्रेणी के बाहरी पदों या मध्य पद पर ध्यान केंद्रित करके, लंबी समांतर श्रेणियों का मान केवल एक ही चरण में ज्ञात करने में सक्षम बनाती है।


1.2 — अनुरूप्येण विधि द्वारा गुणोत्तर श्रेणी का योग

गुणोत्तर श्रेणी (GP) में पद एक स्थिर गुणक या सार्व अनुपात ($r$) के माध्यम से आगे बढ़ते हैं। पारंपरिक स्कूली सूत्रों $S_n = \frac{a(r^n - 1)}{r - 1}$ में उच्च घातों ($r^n$) की गणना करनी पड़ती है, जिससे अंकगणितीय गणनाएँ शीघ्र ही जटिल हो जाती हैं।

वैदिक अनुरूप्येण (समान अनुपात द्वारा) विधि, श्रेणी के क्रमागत पदों के बीच विद्यमान प्रत्यक्ष संक्रियात्मक अनुपात पर केंद्रित होती है। बड़ी-बड़ी अलग-अलग राशियों से निपटने के बजाय, यह मौजूदा पद से अगला पद निकालता है। योग एक-चरण के स्केल बदलाव और मूल श्रेणी के संतुलन के बीच का अंतर निकालकर प्राप्त किया जाता है:

$$S_n = \frac{\text{अंतिम पद के बाद का अगला पद} - \text{पहला पद}}{\text{सार्व अनुपात} - 1} = \frac{a \cdot r^n - a}{r - 1}$$

एक-पंक्ति गुणन का उपयोग करके काल्पनिक अगले पद ($a \cdot r^n$) की गणना करके, एक गुणोत्तर श्रेणी का योग केवल एक साधारण घटाव और भाग के चरण से प्राप्त किया जाता है।


1.3 — वैदिक पूर्णता (पूरणापूरणा) द्वारा अनंत GP

एक भिन्नात्मक सार्व अनुपात ($|r| < 1$) वाली अनंत गुणोत्तर श्रेणी हमेशा चलती रहती है, और हर कदम पर छोटी होती जाती है। पश्चिमी प्रमाण के लिए एक घातीय भिन्न की गणितीय सीमा लेने की आवश्यकता होती है, जब वह अनंत की ओर अग्रसर होती है।

वैदिक दृष्टिकोण सूत्र 8: पूरणापूरणाभ्यां (पूर्णता या अपूर्णता द्वारा) का उपयोग करता है। यह विधि एक अनंत घटती श्रेणी को एक स्व-निहित संरचनात्मक पूर्ण के रूप में देखती है, जिसमें केवल एक निर्णायक भाग की कमी होती है। एक ऐसा संतुलन स्थापित करके, जहाँ श्रेणी का एक स्केल-बदलाव स्वयं को पूर्ण कर लेता है, अनंत पूंछ समीकरण से पूरी तरह से हट जाती है।

$$S_\infty - r \cdot S_\infty = a \implies S_\infty(1 - r) = a \implies S_\infty = \frac{a}{1 - r}$$

आमने-सामने तुलना

समस्या: अनंत श्रेणी $S = 6 + 2 + \frac{2}{3} + \frac{2}{9} +$ का योग ज्ञात कीजिए\dots$**


पारंपरिक स्कूली तरीका:

  1. घटकों की पहचान करें: पहला पद $a = 6$, सार्व अनुपात $r = \frac{2}{6} = \frac{1}{3}$.
  2. अभिसरण की शर्त की जाँच करें: $\left|\frac{1}{3}\right| < 1$.
  3. सीमा सूत्र लिखें: $S_\infty = \frac{a}{1-r}$
  4. मानों को प्रतिस्थापित करें: $S_\infty = \frac{6}{1 - 1/3}$
  5. उभयनिष्ठ हर ज्ञात करें: $S_\infty = \frac{6}{2/3}$
  6. व्युत्क्रम भिन्न से गुणा करें: $S_\infty = 6 \times \frac{3}{2} = \frac{18}{2} = 9$.

समय: ~25 सेकंड | लेखन: भिन्नों को संतुलित करने वाली कई पंक्तियाँ।


वैदिक पूर्णता विधि (Puranapurana):

  1. ध्यान दें कि पैमाने का संक्रमण $\frac{1}{3}$ है। लुप्त संरचनात्मक संतुलन पूरक $1 - \frac{1}{3} = \frac{2}{3}$ है।
  2. पहले पद को पूर्ण करने के लिए पूरक को सीधे लागू करें:

$$S = \frac{\text{पहला पद}}{\text{पूरक}} = \frac{6}{2/3} = \mathbf{9}$$

समय: ~3 सेकंड | लेखन: एक-पंक्ति वाली मानसिक गणना।


1.4 — प्राकृत संख्याओं के वर्गों और घनों का योग

क्रमागत पूर्णांकों के वर्गों ($\sum n^2$) और घनों ($\sum n^3$) का योग पारंपरिक रूप से निश्चित, यांत्रिक सूत्रों का उपयोग करके सिखाया जाता है, जिन्हें याद रखना कठिन हो सकता है:

$$\sum_{i=1}^{n} i^2 = \frac{n(n+1)(2n+1)}{6}, \quad \sum_{i=1}^{n} i^3 = \left[\frac{n(n+1)}{2}\right]^2$$

वैदिक श्रेणी विश्लेषण इन सूत्रों को संरचनात्मक रूप से देखने के लिए सूत्र 1: एकाधिकेन पूर्वेण (पहले वाले से एक अधिक द्वारा) के संयोजन सिद्धांतों का उपयोग करता है। * वर्गों के क्रम का समायोजन: वर्गों के योग के सूत्र को लगातार आने वाले पदों के गुणनफल के रूप में फिर से लिखा जा सकता है, जिसे एक स्केलिंग फैक्टर (पैमाना) से विभाजित किया जाता है:

$$\sum n^2 = \frac{[n \cdot (n+1)] \cdot (2n+1)}{6}$$

ध्यान दें कि इसका पहला भाग, पहले $n$ पूर्णांकों के योग का ठीक दोगुना है, जिसकी गणना मन ही मन एक ही बार में तेज़ी से की जा सकती है।

  • घनों के क्रम की सममित एकता: वैदिक गणित यह दर्शाता है कि पहले $n$ घनों का योग हमेशा, पहले $n$ रैखिक प्राकृत संख्याओं के योग के वर्ग के ठीक बराबर होता है:

$$\sum n^3 = (1 + 2 + 3 + \dots + n)^2$$

इस संबंध का अर्थ है कि आपको घनों के लिए कोई अलग सूत्र याद करने की आवश्यकता नहीं है; आप बस रैखिक योग का वर्ग कर देते हैं।


1.5 — फिबोनाची क्रम और उसके वैदिक गुण

फिबोनाची क्रम $\{0, 1, 1, 2, 3, 5, 8, 13, 21, 34, 55, 89, \dots\}$ से शुरू होता है, जहाँ प्रत्येक पद अपने से ठीक पहले वाले दो पदों का योग होता है ($F_n = F_{n-1} + F_{n-2}$)।

सूत्र 15: गुणितसमुच्चयः (योग का गुणनफल, गुणनफलों के योग के बराबर होता है) को लागू करने पर, इस क्रम के भीतर छिपे हुए विशिष्ट 'डिजिटल रूट' (अंकीय मूल) के पैटर्न सामने आते हैं। हर पद का डिजिटल रूट (बीजांक) निकालकर—यानी उसके अंकों को तब तक जोड़कर जब तक एक ही अंक न रह जाए—हम पाते हैं कि फिबोनाची अनुक्रम हर 24 पदों के बाद एक अनंत लूप में दोहराता है:

पद:    F1  F2  F3  F4  F5  F6  F7  F8  F9  F10 F11 F12 F13 F14 F15 F16 F17 F18 F19 F20 F21 F22 F23 F24
मान:   1   1   2   3   5   8   13  21  34  55  89  144 233 377 610 987 ...
बीजांक:  1   1   2   3   5   8   4   3   7   1   8   9   8   8   7   6   4   1   5   6   2   8   1   9

24वें पद के बाद, अनुक्रम फिर से 1, 1, 2, 3... से शुरू हो जाता है।

यह अनंत 24-चरणों वाला चक्र एक अंतर्निहित त्रुटि जाँच (error check) के रूप में काम करता है। यदि कोई छात्र किसी उच्च-क्रम की फिबोनाची संख्या की गणना करता है और उसका डिजिटल रूट इस चक्र से मेल नहीं खाता, तो पूरी अनुक्रम की दोबारा गणना किए बिना ही त्रुटि तुरंत पकड़ में आ जाती है।


1.6 — ऊर्ध्व गुणांकों के माध्यम से द्विपद प्रमेय

$(x+y)^n$ जैसे द्विपद व्यंजकों का विस्तार करने के लिए, पारंपरिक संयोजनों ($^nC_r$) का उपयोग करने पर, हर पद के लिए कई अलग-अलग भिन्नों की गणना करनी पड़ती है।

वैदिक बीजगणित सूत्र 3 (ऊर्ध्व-तिर्यग्भ्याम्) के वज्र-गुणन (cross-multiplication) सिद्धांतों का उपयोग करके, गुणांकों को क्रमिक रूप से उत्पन्न करके इस विस्तार की प्रक्रिया को तेज़ कर देता है। हर पद की गणना शुरू से करने के बजाय, आप एक सरल इंडेक्स नियम का उपयोग करके अगले पद का गुणांक सीधे मौजूदा पद से प्राप्त करते हैं:

$$\text{अगला गुणांक} = \frac{\text{मौजूदा गुणांक} \times \text{x का मौजूदा घातांक}}{\text{मौजूदा पद का इंडेक्स क्रमांक}}$$

$$\begin{array}{rccccccc} \text{घात } n=4: & 1 & \xrightarrow{\times 4 / 1} & 4 & \xrightarrow{\times 3 / 2} & 6 & \xrightarrow{\times 2 / 3} & 4 & \xrightarrow{\times 1 / 4} & 1 \end{array}$$

यह संरचनात्मक संक्रमण पैटर्न किसी भी द्विपद घात को एक ही बार में, बाएँ से दाएँ क्रम में विस्तारित कर देता है।


1.7 — घात श्रेणी सन्निकटन

वैदिक गणित, पारलौकिक फलनों (transcendental functions) का बहुपद घात श्रेणियों में सन्निकटन करने के लिए सतत विभाजन विधि का उपयोग करता है। सूत्र 4 (परावर्त्य योजयेत् — पक्षांतरण और अनुप्रयोग) के बाएँ से दाएँ विभाजन चरणों को लागू करके, परिमेय फलनों को अनंत श्रेणी विस्तारों में सहजता से विस्तारित किया जा सकता है।

उदाहरण के लिए, व्युत्क्रम संरचनात्मक भिन्न $\frac{1}{1-x}$ को, एकाधिकेन के क्रमिक शेष-समायोजनों (carryover adjustments) पर नज़र रखकर, बिना किसी लंबी बीजगणितीय विभाजन प्रक्रिया के एक श्रेणी के रूप में विस्तारित किया जा सकता है:

$$\frac{1}{1-x} = 1 + x + x^2 + x^3 + x^4 + \dots$$

जब इसे सामान्य फलनों पर लागू किया जाता है, तो चलन-कलनभ्याम् (सूत्र 9) क्रमिक रूप से उच्च-क्रम के अवकलज (derivatives) उत्पन्न करता है, जिससे आप टेलर और मैकलॉरिन सन्निकटन लिख पाते हैं।एक-एक पंक्ति करके।


1.8 — Vyavakalana विभाजन द्वारा टेलिस्कोपिंग श्रेणी

कोई श्रेणी टेलिस्कोपिंग श्रेणी कहलाती है यदि उसे विस्तारित करने पर उसके आंतरिक पद एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं, और केवल पहला तथा अंतिम पद ही शेष रह जाते हैं। पारंपरिक बीजगणित में इन निरस्तीकरणों को ज्ञात करने के लिए आंशिक भिन्नों (partial fractions) का उपयोग किया जाता है, जिसके लिए प्रायः युगपत रैखिक समीकरणों के समूहों को हल करने की आवश्यकता पड़ती है।

वैदिक विकल्प के रूप में Vyavakalana (प्रतिस्थापनी घटाव विभाजन) विधि का उपयोग किया जाता है। ऐसे परिमेय पदों के लिए जिनके हर में क्रमिक गुणनखंड विद्यमान हों, व्यंजक को इकाई भिन्नों के अंतर के रूप में विभाजित किया जाता है; इसके लिए हर में विद्यमान संरचनात्मक अंतराल को अंश में स्थित एक संतुलित गुणनखंड के साथ समायोजित किया जाता है:

$$\frac{1}{n(n+1)} = \frac{(n+1) - n}{n(n+1)} = \frac{1}{n} - \frac{1}{n+1}$$

भिन्नों के इस सुव्यवस्थित विभाजन के परिणामस्वरूप, श्रेणी के मध्यवर्ती पद योग करने पर तत्काल निरस्त हो जाते हैं, जिससे लंबे विस्तारों को घटाव के एकल-अंकीय चरणों तक सीमित किया जा सकता है।


भाग 2: हल किए गए उदाहरण


अनुभाग A: रैखिक एवं आनुपातिक योग

उदाहरण 1

प्रश्न: वैदिक सममित युग्मन विधि का उपयोग करते हुए, समांतर श्रेणी $\{14, 21, 28, 35, \dots, 147\}$ का कुल योग ज्ञात कीजिए। उत्तर:

  1. अनुक्रम के अंतर ($d = 7$) का उपयोग करके पदों की कुल संख्या ($n$) ज्ञात करें:

$$n = \frac{\text{अंतिम पद} - \text{प्रथम पद}}{\text{अंतर}} + 1 = \frac{147 - 14}{7} + 1 = \frac{133}{7} + 1 = 19 + 1 = 20 \text{ पद}$$

  1. सममित युग्म का मान ज्ञात करने के लिए अनुक्रम के दोनों सिरों से पदों के युग्म बनाएँ:

$$\text{युग्म का मान} = \text{प्रथम पद} + \text{अंतिम पद} = 14 + 147 = 161$$

  1. युग्मों की संख्या को युग्म के मान से गुणा करके कुल योग की गणना करें:

$$S_{20} = \frac{n}{2} \times (\text{युग्म का मान}) = \frac{20}{2} \times 161 = 10 \times 161 = \mathbf{1610}$$


उदाहरण 2

प्रश्न: अनुरूप्येण विधि का उपयोग करके गुणोत्तर श्रेणी $\{5, 15, 45, \dots\}$ के प्रथम 6 पदों का योग ज्ञात करें।

उत्तर:

  1. मुख्य प्राचलों की पहचान करें: प्रथम पद $a = 5$, सार्व अनुपात $r = 3$। 2. काल्पनिक 7वाँ पद (योग में अंतिम पद के ठीक बाद आने वाला पद) ज्ञात करें:

$$\text{अगला पद} = a \cdot r^n = 5 \cdot 3^6 = 5 \cdot 729 = 3645$$

  1. अनुरूप्येण योग समायोजन सूत्र लागू करें:

$$S_6 = \frac{\text{अगला पद} - \text{प्रथम पद}}{r - 1} = \frac{3645 - 5}{3 - 1} = \frac{3640}{2} = \mathbf{1820}$$


उदाहरण 3

प्रश्न: पूरणापूरण पूर्णता विधि का उपयोग करके अनंत गुणोत्तर श्रेणी $S = 12 - 4 + \frac{4}{3} - \frac{4}{9} + \dots$ का कुल योग ज्ञात करें।

उत्तर:

  1. प्राचलों की पहचान करें: प्रथम पद $a = 12$, सार्व अनुपात $r = -\frac{1}{3}$।
  2. संरचनात्मक पूरक गुणनखंड ज्ञात करें:

$$\text{पूरक} = 1 - r = 1 - \left(-\frac{1}{3}\right) = 1 + \frac{1}{3} = \frac{4}{3}$$

  1. योग ज्ञात करने के लिए पूरक गुणनखंड को सीधे प्रथम पद पर लागू करें:

$$S_\infty = \frac{\text{प्रथम पद}}{\text{पूरक}} = \frac{12}{4/3} = 12 \times \frac{3}{4} = 3 \times 3 = \mathbf{9}$$


खंड B: घात और अनुक्रम

उदाहरण 4

प्रश्न: क्रमिक समायोजन विधि का उपयोग करके प्रथम 10 प्राकृत संख्याओं के वर्गों ($1^2 + 2^2 + 3^2 + \dots + 10^2$) का कुल योग ज्ञात करें। उत्तर:

  1. $n = 10$ के साथ संरचनात्मक व्यंजक को सेट करें:

$$\sum_{i=1}^{10} i^2 = \frac{n(n+1)(2n+1)}{6} = \frac{10 \cdot 11 \cdot 21}{6}$$

  1. गुणा करने से पहले उभयनिष्ठ गुणनखंडों को आपस में काटकर (cross-canceling) गुणा को मानसिक रूप से सरल बनाएँ:
  • $21$ और $6$ को $3$ से भाग दें, जिससे वे $7$ और $2$ में बदल जाएँगे।
  • $10$ को $2$ से भाग दें, जिससे वह $5$ में बदल जाएगा।
  1. शेष संख्याओं को आपस में गुणा करें:

$$\sum_{i=1}^{10} i^2 = 5 \cdot 11 \cdot 7 = 55 \cdot 7 = \mathbf{385}$$


उदाहरण 5

प्रश्न: फिबोनाची अनुक्रम ($F_{50}$) के 50वें पद का मान, उसके डिजिटल रूट (Bijank) चक्र हस्ताक्षर का उपयोग करके ज्ञात करें।

उत्तर:

  1. फिबोनाची अनुक्रम का डिजिटल रूट पैटर्न प्रत्येक 24 पदों के बाद एक अनंत लूप में दोहराया जाता है।
  2. दोहराए जाने वाले लूप के भीतर पद की स्थिति ज्ञात करने के लिए, पद के सूचकांक को चक्र की लंबाई से भाग दें:

$$\frac{50}{24} = 2 \text{ और शेषफल } 2 \quad (50 = 2 \times 24 + 2)$$

  1. शेषफल 2 हमें बताता है कि $F_{50}$ का डिजिटल रूट, दूसरे पद ($F_2$) के डिजिटल रूट के समान है।
  2. आधार चक्र की जाँच करें: $F_2 = 1$, अतः इसका डिजिटल रूट 1 है।
  3. इसलिए, 50वीं फिबोनाची संख्या का डिजिटल रूट भी 1 ही होना चाहिए।

अनुभाग C: द्विपद प्रमेय और टेलीस्कोपिंग विभाजन

उदाहरण 6

प्रश्न: अनुक्रमिक गुणांक संक्रमण नियम का उपयोग करके, व्यंजक $(x + 2)^5$ का विस्तार एक ही चरण में, बाएँ से दाएँ गणना करते हुए करें। उत्तर:

  1. घात $n=5$ के लिए द्विपद विस्तार गुणांक क्रमानुसार इस प्रकार प्राप्त होते हैं:
  • पद 1 का गुणांक: 1
  • पद 2 का गुणांक: $\frac{1 \times 5}{1} =$ 5
  • पद 3 का गुणांक: $\frac{5 \times 4}{2} =$ 10
  • पद 4 का गुणांक: $\frac{10 \times 3}{3} =$ 10
  • पद 5 का गुणांक: $\frac{10 \times 2}{4} =$ 5
  • पद 6 का गुणांक: $\frac{5 \times 1}{5} =$ 1
  1. इन गुणांकों को इनके साथ संयोजित करें$x$ की घटती घातें और $2$ की बढ़ती घातें:

$$= 1(x^5)(2^0) + 5(x^4)(2^1) + 10(x^3)(2^2) + 10(x^2)(2^3) + 5(x^1)(2^4) + 1(x^0)(2^5)$$

  1. अंतिम विस्तार लिखने के लिए गुणांकों को $2$ की घातों से गुणा करें:

$$= \mathbf{x^5 + 10x^4 + 40x^3 + 80x^2 + 80x + 32}$$


उदाहरण 7

प्रश्न: व्यवकलन भिन्न विभाजन का उपयोग करके श्रेणी $\sum_{n=1}^{20} \frac{1}{n(n+1)}$ का कुल योग ज्ञात करें। उत्तर:

  1. श्रेणी के सामान्य पद पर घटाव विभाजन नियम (subtraction split rule) लागू करें:

$$\frac{1}{n(n+1)} = \frac{1}{n} - \frac{1}{n+1}$$

  1. श्रेणी का विस्तार करें ताकि आप देख सकें कि आंतरिक पद एक-दूसरे को कैसे काट देते हैं:

$$S_{20} = \left(\frac{1}{1} - \frac{1}{2}\right) + \left(\frac{1}{2} - \frac{1}{3}\right) + \left(\frac{1}{3} - \frac{1}{4}\right) + \dots + \left(\frac{1}{20} - \frac{1}{21}\right)$$

  1. ध्यान दें कि सभी मध्यवर्ती पद कट जाते हैं, और केवल पहला तथा अंतिम घटक शेष रह जाते हैं:

$$S_{20} = 1 - \frac{1}{21} = \mathbf{\frac{20}{21}}$$


भाग 3: अभ्यास प्रश्न


अभ्यास सेट A: समांतर और गुणोत्तर योग (20 प्रश्न)

सममित युग्मन (symmetric pairing) का उपयोग करके प्रत्येक समांतर श्रेणी का सटीक कुल योग ($S_n$) ज्ञात करें।

A1. $\{3, 7, 11, 15, \dots, 79\}$
A2. $\{10, 15, 20, 25, \dots, 205\}$
A3. $\{100, 98, 96, 94, \dots, 2\}$
A4. $\{5, 14, 23, 32, \dots, 176\}$
A5. $\{14, 25, 36, 47, \dots, 245\}$
A6. प्रथम 50 धनात्मक पूर्णांकों का योग ($1 + 2 + 3 + \dots + 50$)
A7. 1 और 99 के बीच (इन दोनों को मिलाकर) सभी विषम संख्याओं का योग। A8. 12 और 120 (इन दोनों को मिलाकर) के बीच 6 के सभी गुणजों का योग। A9. ${2.5, 5.0, 7.5, 10.0, ✓, 50.0}$
A10. ${-40, -35, -30, ✓, +40}$

अनुरुप्येन विधि का उपयोग करके प्रत्येक ज्यामितीय श्रेणी का योग ज्ञात कीजिए।

A11. ${2, 6, 18, 54, ✓}$ के पहले 6 पद
A12. ${4, 20, 100, ✓}$ के पहले 5 पद
A13. ${1, 2, 4, 8, ✓}$ के पहले 8 पद
A14. ${10, 20, 40, ✓}$ के पहले 6 पद
A15. पहला $\{3, -6, 12, -24, \dots\}$ के 5 पद

पुराणपुराण विधि का प्रयोग करके प्रत्येक अनंत ज्यामितीय श्रृंखला के कुल योग का मूल्यांकन कीजिए।

A16. $S = 8 + 4 + 2 + 1 + \dots$
A17. $S = 15 + 5 + \frac{5}{3} + \frac{5}{9} + \dots$
D18. $S = 6 - 2 + \frac{2}{3} - \frac{2}{3} + \dots$
A19. $S = 1 + 0.1 + 0.01 + 0.001 + \dots$
A20. $S = 24 + 18 + \frac{27}{2} + \dots$


अभ्यास सेट B: घात अनुक्रमिक हस्ताक्षर (20 प्रश्न)

अनुक्रमिक स्केलिंग का उपयोग करके इन प्राकृतिक संख्या श्रृंखलाओं के वर्गों और घनों का योग ज्ञात कीजिए।

B1. पहली 5 प्राकृतिक संख्याओं के वर्गों का योग (1² + 2² + √5²)
B2. पहली 12 प्राकृतिक संख्याओं के वर्गों का योग।
B3. प्रथम 20 प्राकृतिक संख्याओं के वर्गों का योग।

B4. प्रथम 4 प्राकृतिक संख्याओं (1³ + 2³ + 3³ + 4³) के घनों का योग।
B5. प्रथम 10 प्राकृतिक संख्याओं के घनों का योग।

B6. प्रथम 15 प्राकृतिक संख्याओं के घनों का योग।

B7. $\sum_{i=1}^{8} i(i+1)$ का मान ज्ञात कीजिए, इसे घटक श्रृंखलाओं में विभाजित करके।

B8. श्रृंखला $11² + 12² + 13² + ¾ + 20²$ का योग ज्ञात कीजिए।

B9. श्रृंखला $5³ + 6³ + 7³ + ¾ + 10³$ का योग ज्ञात कीजिए।

B10. $\sum_{i=1}^{10} (i^3 - i^2)$ का मान ज्ञात कीजिए।

दिए गए फिबोनाची पदों के लिए डिजिटल रूट (बिजैंक) मान ज्ञात कीजिए।

B11. 25वें फिबोनाची पद ($F_{25}$) का डिजिटल रूट ज्ञात कीजिए।

B12. 30वें फिबोनाची पद ($F_{30}$) का डिजिटल रूट ज्ञात कीजिए।

B13.* 48वें फिबोनाची पद ($F_{48}$) का डिजिटल रूट ज्ञात कीजिए।

B14.* 100वें फिबोनाची पद ($F_{100}$) का डिजिटल रूट ज्ञात कीजिए।

B15. 12वें फिबोनाची पद ($F_{12} = 144$) का डिजिटल मूल सीधे ज्ञात कीजिए और चक्र के विरुद्ध इसकी पुष्टि कीजिए।

क्रमिक द्विपद नियमों का उपयोग करके व्यंजकों का विस्तार या सन्निकटन कीजिए।

B16. अनुक्रमिक गुणांक संक्रमणों का उपयोग करके $(x+1)^4$ का विस्तार कीजिए।

B17. $(x+3)^3$ का पूर्ण विस्तार कीजिए।

B18.* $(2x + y)^4$ का पूर्ण विस्तार कीजिए।

B19.* विभाजन संक्रमणों का उपयोग करके $\frac{1}{1+x}$ के लिए घात श्रृंखला विस्तार के पहले 4 पद ज्ञात कीजिए। B20. $\frac{1}{1-2x}$ के लिए घात श्रेणी विस्तार के पहले 4 पद ज्ञात कीजिए।


अभ्यास सेट C: टेलीस्कोपिंग निरस्तीकरण (15 प्रश्न)

प्रत्येक श्रेणी का सटीक योग ज्ञात करने के लिए घटाव विभाजन (subtraction splits) का प्रयोग करें।

C1. $\sum_{n=1}^{10} \frac{1}{n(n+1)}$
C2. $\sum_{n=1}^{50} \frac{1}{n(n+1)}$
C3. $\sum_{n=2}^{15} \frac{1}{n(n-1)}$
C4. $\sum_{n=1}^{8} \frac{1}{(2n-1)(2n+1)}$ (संकेत: गुणनखंडों के बीच का अंतर 2 है)
C5. $\sum_{n=1}^{20} \frac{1}{(2n-1)(2n+1)}$
C6. $\sum_{n=1}^{12} \frac{1}{n(n+2)}$ (संकेत: गुणनखंडों के बीच का अंतर 2 है)
C7. $\sum_{n=1}^{5} \frac{1}{n(n+1)(n+2)}$
C8. अनंत टेलीस्कोपिंग श्रेणी $\sum_{n=1}^{\infty} \frac{1}{n(n+1)}$ का कुल योग ज्ञात कीजिए।
C9. अनंत टेलीस्कोपिंग श्रेणी $\sum_{n=1}^{\infty} \frac{1}{(2n-1)(2n+1)}$ का कुल योग ज्ञात कीजिए।
C10. अनंत टेलीस्कोपिंग श्रेणी $\sum_{n=1}^{\infty} \frac{1}{n(n+3)}$ का कुल योग ज्ञात कीजिए।
C11. $\sum_{n=4}^{40} \left(\frac{1}{\sqrt{n}} - \frac{1}{$\sqrt{n+1}}\right)$
C12. $\sum_{n=1}^{30} \frac{1}{n^2 + n}$
C13. $\sum_{n=1}^{10} \frac{2}{n^2 + 2n}$
C14. $\sum_{n=2}^{10} \frac{1}{n^2 - 1}$
C15. अनंत श्रेणी $\sum_{n=1}^{\infty} \frac{1}{4n^2 - 1}$ का कुल योग ज्ञात कीजिए।


अभ्यास प्रश्नों की उत्तर कुंजी

सेट A के उत्तर:

A1. $820$
A2. $4300$
A3. $2550$
A4. $1810$
A5. $2849$
A6. $1275$
A7. $2500$
A8. $1254$
A9. $525$
A10. $0$
A11. $728$
A12. $3124$
A13. $255$
A14. $630$
A15. $243$
A16. $16$
A17. $22.5$
A18. $4.5$
A19. $\frac{10}{9} \approx 1.111$
A20. $96$

सेट B के उत्तर:

B1. $55$
B2. $650$
B3. $2870$
B4. $100$
B5. $3025$
B6. $14400$
B7. $240$
B8. $2485$
B9. $2925$
B10. $2640$
B11. $1$
B12. $9$
B13. $9$
B14. $7$
B15. $1+4+4 = 9$; यह चक्र में 12वीं स्थिति से मेल खाता है।
B16. $x^4 + 4x^3 + 6x^2 + 4x + 1$
B17. $x^3 + 9x^2 + 27x + 27$
B18. $16x^4 + 32x^3y + 24x^2y^2 + 8xy^3 + y^4$
B19. $1 - x + x^2 - x^3$
B20. $1 + 2x + 4x^2 + 8x^3$

| सेट C के उत्तर:

C1. $\frac{10}{11}$
C2. $\frac{50}{51}$
C3. $\frac{14}{15}$
C4. $\frac{8}{17}$
C5. $\frac{20}{41}$
C6. $\frac{175}{312} \approx 0.561$
C7. $\frac{35}{240} = \frac{7}{48}$
C8. $1$
C9. $0.5$
C10. $\frac{11}{18} \approx 0.611$
C11. $\frac{1}{2} - \frac{1}{\sqrt{41}} \approx 0.344$
C12. $\frac{30}{31}$
C13. $\frac{175}{132} \approx 1.325$
C14. $\frac{27}{40} = 0.675$
C15. $0.5$


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टेस्ट 1: कॉन्सेप्ट क्विज़ — अनुक्रम संरचनाएँ और पैटर्न

0 / 20
प्र1. पास्कल के त्रिभुज के विस्तार वाले द्विपद गुणांकों को क्रमिक रूप से उत्पन्न करने के लिए पारंपरिक रूप से किस संस्कृत सूत्र का उपयोग किया जाता है?
ऊर्ध्व-तिर्यग्भ्याम् बाईं से दाईं ओर क्रमिक द्विपद पदों को उत्पन्न करने के लिए संरचनात्मक गुणन ढाँचा प्रदान करता है।
प्र2. फिबोनाची अनुक्रम का डिजिटल मूल (*बीजांक*) हस्ताक्षर कितने पदों के बाद एक अनंत लूप में दोहराता है?
प्र3. प्रथम पद $a$ और सार्व अनुपात $r$ वाले एक अनंत गुणोत्तर श्रेणी के योग के लिए प्रत्यक्ष *पूरणापूरण* (पूर्णता) सूत्र का मान क्या है?
प्र4. सममित युग्मन विधि का उपयोग करके 1 से 100 तक (दोनों को मिलाकर) संख्याओं का कुल योग ज्ञात कीजिए। *
पदों की संख्या के आधे को बाहरी पदों के योग से गुणा करने पर: $50 \times (1 + 100) = 50 \times 101 = 5050$।
प्र5. 49वें फिबोनाची पद ($F_{49}$) का छिपा हुआ डिजिटल रूट मान (*बीजांक*) क्या है?
$49 \div 24 = 2$, जिसमें शेषफल $1$ बचता है। पुनरावर्ती चक्र में पहले स्थान पर डिजिटल रूट मान $1$ होता है।
प्र6. वाक्यांश *एकाधिकेन पूर्वेण* का अर्थ है:
प्र7. अनंत गुणोत्तर श्रेणी $S = 9 + 3 + 1 + \frac{1}{3} + \dots$ का योग ज्ञात कीजिए।
सार्व अनुपात $r = \frac{1}{3}$ है, इसलिए इसका पूरक $1 - \frac{1}{3} = \frac{2}{3}$ है।* योग $\frac{9}{2/3} = 13.5$ है।
प्र8. पहले $n$ प्राकृत संख्याओं के घनों का योग ($\sum n^3$) हमेशा किसके बराबर होता है?
प्र9. परिमेय भिन्न पद $\frac{1}{n(n+2)}$ को *Vyavakalana* विधि का उपयोग करके इकाई भिन्नों के अंतर के रूप में विभाजित करें।
चूंकि हर में स्थित गुणनखंडों के बीच 2 का संरचनात्मक अंतर है, इसलिए घटाव विभाजन के बाहर $\frac{1}{2}$ के एक संतुलन कारक की आवश्यकता होती है।
प्र10. $n = 5$ की घातांक शक्ति वाले द्विपद विस्तार में चौथा गुणांक मान क्या है?
शक्ति $n=5$ के लिए गुणांक अनुक्रम $1, 5, 10, 10, 5, 1$ है। चौथा गुणांक मान 10 है।
प्र11. 'अगले पद के घटाव सूत्र' का उपयोग करके गुणोत्तर श्रेणी $\{3, 6, 12, 24, 48, 96\}$ का कुल योग ज्ञात करें। *
इस अनुक्रम का अगला पद $96 \times 2 = 192$ होगा। इसका सार्व अनुपात $2$ है। इसका योग $\frac{192 - 3}{2 - 1} =189$.
प्र12. किसी भी Fibonacci पद के इंडेक्स (index) के लिए डिजिटल रूट (*Bijank*) का मान क्या होगा, यदि वह इंडेक्स 12 का गुणज हो (जैसे $F_{12}, F_{24}, F_{36}$)?
प्र13. $\frac{1}{1-x}$ के लिए पावर सीरीज़ विस्तार (power series expansion) के पहले 3 पद ज्ञात कीजिए।
प्र14. अनंत टेलीस्कोपिंग सीरीज़ $\sum_{n=1}^{\infty} \frac{1}{n(n+1)}$ को तुरंत हल कीजिए।
विस्तारित सीरीज़ सरल होकर $1 - \frac{1}{\infty} = 1$ हो जाती है।
प्र15. समांतर श्रेणी (arithmetic progression) $\{5, 8, 11, 14, 17\}$ के केंद्रीय पद (central anchor term) की पहचान करके उसका कुल योग ज्ञात कीजिए।
यदि पदों की संख्या विषम हो, तो योग केवल पदों की संख्या को मध्य पद से गुणा करने पर प्राप्त होता है: $5 \times 11 = 55$।
प्र16. प्रथम 4 प्राकृत संख्याओं के वर्गों का योग ज्ञात कीजिए ($1^2 + 2^2 + 3^2 + 4^2$)। *
प्र17. संख्या $144$ का डिजिटल रूट मान (*बीजांक*) क्या है?
प्र18. यदि प्रथम $n$ प्राकृत संख्याओं का योग $15$ है, तो उनके घनों ($\sum n^3$) का योग क्या होगा?
प्र19. गुणोत्तर श्रेणी $\{12, -4, \frac{4}{3}, -\frac{4}{9}\}$ के लिए सार्व अनुपात ($r$) ज्ञात कीजिए।
प्र20. *एकाधिकेन पूर्वेण* गणना के लिए बीजीय व्यंजक निम्न रूप में परिवर्तित हो जाता है:

टेस्ट 2: श्रेणियाँ एवं अनुक्रम

0 / 8
प्र1. समांतर श्रेणी $\{7, 14, 21, \dots, 70\}$ का सममित युग्मन विधि द्वारा परिकलित कुल योग _____ है।
उत्तर: $385$
प्र2. गुणोत्तर श्रेणी $\{1, 3, 9, 27, \dots\}$ के प्रथम 8 पदों का कुल योग _____ है। उत्तर: $3280$
उत्तर: $3280$
प्र3. अनंत गुणोत्तर श्रेणी $S = 20 + 4 + 0.8 + 0.16 + \dots$ का कुल योग _____ है।
उत्तर: $25$
प्र4. पहली 6 प्राकृत संख्याओं के वर्गों का सटीक योग _____ है।
उत्तर: $91$
प्र5. $n = 6$ के द्विपद घात विस्तार में तीसरे पद के गुणांक का मान _____ है।
उत्तर: $15$
प्र6. 51वीं फिबोनाची संख्या ($F_{51}$) का अंकीय मूल मान (*बीजांक*) संकेत _____ है।
उत्तर: $4$
प्र7. परिमेय फलन $\frac{1}{1-3x}$ के घात श्रेणी विस्तार के पहले 4 पद _____ हैं। उत्तर: $1 + 3x + 9x^2 + 27x^3$
उत्तर: $1 + 3x + 9x^2 + 27x^3$
प्र8. पहले 5 प्राकृत संख्याओं के घनों का योग _____ है।
उत्तर: $225$

टेस्ट 3: श्रेणी निरस्तीकरण मिलान मैट्रिक्स

0 / 1
प्र1. भिन्नात्मक अनंत गुणोत्तर श्रेणी $S = 5 + \frac{5}{4} + \frac{5}{16} +$ का कुल योग ज्ञात कीजिए।$\frac{5}{64} + \dots$ का योग *पूरणापूरण* (Puranapurana) पूर्णता विधि का उपयोग करके ज्ञात करें।
प्रथम पद $a = 5$, सार्व अनुपात $r = \frac{1}{4}$।

टेस्ट 4: व्यापक पैटर्न टेस्ट

0 / 9
प्र1. समांतर श्रेणी $\{11, 22, 33, \dots, 110\}$ का कुल योग ज्ञात करें।
उत्तर: $605$
प्र2. गुणोत्तर श्रेणी $\{3, -6, 12, \dots\}$ के प्रथम 5 पदों का योग ज्ञात करें।
उत्तर: $33$
प्र3. अनंत गुणोत्तर श्रेणी $S = 18 - 6 + 2 - \frac{2}{3} + \dots$ का मान ज्ञात करें।
उत्तर: $13.5$
प्र4. प्रथम 7 प्राकृत संख्याओं के वर्गों का योग ज्ञात करें।
उत्तर: $140$
प्र5. द्विपद व्यंजक $(x+1)^5$ का विस्तार करें और $x^3$ पद के गुणांक मान को अलग करें।
उत्तर: $10$
प्र6. टेलीस्कोपिंग श्रेणी $\sum_{n=1}^{30} \frac{1}{n(n+1)}$ का कुल योग ज्ञात करें।
उत्तर: $\frac{30}{31}$
प्र7. प्रथम 6 प्राकृत संख्याओं के घनों का योग ज्ञात करें ($1^3 + 2^3 + \dots + 6^3$)।
उत्तर: $441$
प्र8. $\frac{1}{1+2x}$ के लिए घात श्रेणी विस्तार का तीसरा पद निर्धारित करें।
उत्तर: $4x^2$
प्र9. घटाव विभाजन (subtraction splits) का उपयोग करके अनंत श्रेणी $\sum_{n=1}^{\infty} \frac{1}{4n^2 - 1}$ का कुल योग ज्ञात करें।
उत्तर: $0.5$

भाग 5: शिक्षक गाइड और मूल्यांकन रूब्रिक


क्लासरूम प्रैक्टिकल लैब का काम

गतिविधि 1: अनंत पूरक दौड़

  • उद्देश्य: Puranapurana का इस्तेमाल करके अनंत ज्यामितीय श्रेणी का योग मन ही मन निकालना सीखना।
  • क्रियान्वयन: शिक्षक अनंत श्रेणी के कॉन्फ़िगरेशन (जैसे, $a = 10, r = \frac{1}{5}$) ज़ोर से बोलते हैं। छात्र पूरक कारक (complement factor) निकालने और अपनी छोटी व्हाइटबोर्ड पर अंतिम योग लिखने के लिए दौड़ लगाते हैं ($\frac{10}{4/5} = 12.5$)। जो छात्र सबसे पहले सही जवाब दिखाता है, उसे अपनी टीम के लिए एक पॉइंट मिलता है।

गतिविधि 2: फ़िबोनाची साइकल को ट्रैक करना

  • उद्देश्य: हाथों से गणना करके 24-चरणों वाले दोहराए जाने वाले डिजिटल रूट साइकल को सत्यापित करना।
  • क्रियान्वयन: छात्रों को जोड़ों में बाँटें और हर समूह को $F_1$ से $F_{24}$ तक फ़िबोनाची अनुक्रम का एक हिस्सा दें। हर समूह से उनके दिए गए पदों के डिजिटल रूट निकालने को कहें, और फिर परिणामों को एक बड़े क्लासरूम चार्ट पर मिलाकर पूरा, दोहराया जाने वाला लूप तैयार करें।

ग्रेडिंग रूब्रिक (कुल 150 मॉड्यूल पॉइंट)

मूल्यांकन घटक अधिकतम पॉइंट
बुनियादी अवधारणाओं पर क्विज़ (टेस्ट 1) 20 अंक
प्रोग्रेशन और सिग्नेचर लैब (टेस्ट 2) 25 अंक
कैंसलेशन मैट्रिक्स मिलान (टेस्ट 3) 20 अंक
व्यापक पैटर्न टेस्ट (टेस्ट 4) 50 अंक
सक्रिय प्रैक्टिकल लैब प्रदर्शन 35 अंक

छात्रों की आम गलतियाँ और उन्हें सुधारने के उपाय

| छात्रों द्वारा की गई गलती | उसे सुधारने का सीधा उपाय | | --- | --- | | 1 से बड़े फ़ैक्टर गैप वाले भिन्नों को तोड़ते समय बैलेंसिंग स्केल फ़ैक्टर को शामिल करना भूल जाना | छात्रों को याद दिलाएँ कि वे हमेशा हर के फ़ैक्टरों के बीच के स्ट्रक्चरल गैप को जाँचें: $\frac{1}{n(n+2)}$ के लिए घटाव वाले हिस्से के बाहर $\frac{1}{2}$ के एक बैलेंसिंग फ़ैक्टर की ज़रूरत होती है। | | फ़िबोनाची डिजिटल रूट चक्र का मूल्यांकन करते समय गलत इंडेक्स स्थिति का उपयोग करना | इस बात पर ज़ोर दें कि आपको पद के इंडेक्स को पूरे चक्र की लंबाई 24 से भाग देना होगा, और लूप के भीतर सही स्थिति का पता लगाने के लिए शेषफल का उपयोग करना होगा। | | ऋणात्मक पदों वाले द्विपद व्यंजकों का विस्तार करते समय चिह्नों को समायोजित करना भूल जाना | छात्रों को याद दिलाएँ कि $(x-y)^n$ जैसे विस्तारों के लिए, पदों के चिह्न क्रमानुसार बारी-बारी से आने चाहिए ($+, -, +, -, \dots$)। | ---


क्विक रेफरेंस कार्ड

मॉड्यूल 27 सारांश शीट (प्रिंट-फ्रेंडली)

╔═════════════════════════════════════════════════════════════════════════╗
║                वैदिक श्रेणियाँ और अनुक्रम — चीट शीट                   ║
╠═════════════════════════════════════════════════════════════════════════╣
║ मुख्य सूत्र: सूत्र 1: एकाधिकेन पूर्वेण (पिछले से एक अधिक द्वारा)    ║
║              सूत्र 14: एकन्यूनेन पूर्वेण (पिछले से एक कम द्वारा)   ║
║              सूत्र 15: गुणितसमुच्चयः (योगों का गुणनफल = गुणनफलों का योग)║
╠═════════════════════════════════════════════════════════════════════════╣
║ समांतर श्रेणी के योग:                                            ║
║    S_n = (n / 2) · (पहला पद + अंतिम पद)   [पदों की संख्या सम होने पर]    ║
║    S_n = n · (मध्य पद)                    [पदों की संख्या विषम होने पर]     ║
║                                                                         ║
║ गुणोत्तर श्रेणी के योग:                                             ║
║    S_n = (अंतिम पद के बाद का अगला पद - पहला पद) / (सार्व अनुपात - 1)       ║
╠═════════════════════════════════════════════════════════════════════════╣
║ अनंत गुणोत्तर श्रेणी का योग:                                   ║
║    S_∞ = पहला पद / पूरक गुणनखंड      जहाँ पूरक = 1 - r   ║
║    उदाहरण: S = 6 + 2 + 2/3 + ...  ──► r = 1/3 ──► पूरक = 2/3     ║
║    योग = 6 / (2/3) = 9                                                  ║
╠═════════════════════════════════════════════════════════════════════════╣
║ घातों के योग के पैटर्न:                                              ║
║    वर्गों का योग: ∑ n² = [n·(n + 1)·(2n + 1)] / 6                      ║
║    घनों का योग:   ∑ n³ = (1 + 2 + 3 + ... + n)²                        ║
╠══════════════════════════════════════════════════════════════════════════╣
║ FIBONACCI BIJANK CYCLE SIGNATURE:                                       ║
║    डिजिटल मूल हर 24 पदों के बाद एक अनंत लूप में दोहराए जाते हैं। ║
║    कोई भी मूल ज्ञात करने के लिए: इंडेक्स को 24 से विभाजित करें और शेषफल देखें। ║
╠═════════════════════════════════════════════════════════════════════════╣
║ TELESCOPING SERIES VYAVAKALANA SPLITS:                                  ║
║    1 / [n·(n + k)] = (1 / k) · [ (1 / n) - (1 / (n + k)) ]              ║
╚═════════════════════════════════════════════════════════════════════════╝


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