भाषा विकास का अध्यापन (शिक्षण-शास्त्र) • Topic 2 of 5

भाषा शिक्षण के सिद्धांत एवं विधियाँ

भाषा शिक्षण की कई विधियाँ हैं और CTET इनके अंतर पर प्रश्न पूछता है। व्याकरण-अनुवाद विधि (Grammar-Translation) में नियम और शब्द रटाए जाते हैं तथा अनुवाद पर बल रहता है; यह पुरानी विधि बोलने-सुनने के कौशल की उपेक्षा करती है। प्रत्यक्ष विधि (Direct Method) में मातृभाषा/अनुवाद का प्रयोग वर्जित रहता है और लक्ष्य-भाषा में ही, वस्तुओं तथा क्रियाओं से सीधे जोड़कर पढ़ाया जाता है। संरचनात्मक विधि (Structural) भाषा की संरचनाओं/वाक्य-प्रतिमानों को क्रमबद्ध रूप से अभ्यास द्वारा सिखाती है। सम्प्रेषणात्मक विधि (Communicative Approach) आज सर्वाधिक मान्य है — इसमें भाषा का उद्देश्य वास्तविक संप्रेषण (अर्थपूर्ण आदान-प्रदान) माना जाता है, शुद्धता (accuracy) से अधिक प्रवाह (fluency) और सार्थक प्रयोग को महत्व मिलता है, तथा भूमिका-नाटक, समूह-कार्य व वास्तविक जीवन की स्थितियाँ प्रयुक्त होती हैं। इन सबके मूल में दो शाश्वत शिक्षण-सूत्र हैं — ज्ञात से अज्ञात की ओर (बच्चे की पूर्व जानकारी से नई बात जोड़ना) और सरल से कठिन की ओर (सरल सामग्री से क्रमशः कठिन की ओर बढ़ना)।

✅ Solved examples

1. जिस विधि में नियम रटाए जाते हैं तथा एक भाषा से दूसरी भाषा में अनुवाद पर बल दिया जाता है, और बोलने-सुनने की उपेक्षा होती है, वह है:
व्याकरण-अनुवाद विधि (Grammar-Translation Method)। यह सबसे पुरानी विधि है, जो भाषा को संप्रेषण के बजाय नियमों एवं अनुवाद का विषय मानती है।
2. किस विधि में मातृभाषा/अनुवाद का प्रयोग वर्जित रहता है और लक्ष्य-भाषा में ही वस्तुओं व क्रियाओं से जोड़कर पढ़ाया जाता है?
प्रत्यक्ष विधि (Direct Method)। इसमें शब्दों को सीधे अर्थ/वस्तु से जोड़ा जाता है, अनुवाद का सहारा नहीं लिया जाता।
3. आज भाषा शिक्षण में सर्वाधिक मान्य उपागम कौन-सा है, जिसमें वास्तविक संप्रेषण तथा प्रवाह पर बल होता है?
सम्प्रेषणात्मक उपागम (Communicative Approach)। इसमें भाषा का उद्देश्य सार्थक संप्रेषण है; शुद्धता से अधिक प्रवाह, और भूमिका-नाटक व समूह-कार्य जैसी सार्थक गतिविधियाँ महत्वपूर्ण होती हैं।
4. एक शिक्षक नई कविता पढ़ाने से पहले बच्चों के अपने गाँव/त्योहार के अनुभव पर बात करता है, फिर कविता से जोड़ता है। यह किस शिक्षण-सूत्र का उदाहरण है?
ज्ञात से अज्ञात की ओर। बच्चे की पूर्व जानकारी/अनुभव से नई सामग्री को जोड़ने पर अधिगम सार्थक एवं स्थायी होता है।

✏️ Practice — try these, take hints as needed

1. सरल सामग्री से आरंभ कर क्रमशः कठिन सामग्री की ओर बढ़ना किस शिक्षण-सूत्र को दर्शाता है?
पहले आसान, फिर कठिन।
क्रमबद्ध प्रगति।
सरल से कठिन की ओर
2. भाषा की संरचनाओं/वाक्य-प्रतिमानों को क्रमबद्ध अभ्यास के द्वारा सिखाने वाली विधि कौन-सी है?
वाक्य-प्रतिमान केंद्र में।
अंग्रेज़ी में Structural।
संरचनात्मक विधि
3. सम्प्रेषणात्मक उपागम में शुद्धता (accuracy) की तुलना में किसे अधिक महत्व दिया जाता है?
धाराप्रवाह बोलना।
अंग्रेज़ी में fluency।
प्रवाह एवं सार्थक संप्रेषण
4. किस विधि में अनुवाद के बजाय लक्ष्य-भाषा में ही सीधे संप्रेषण पर बल रहता है?
मातृभाषा वर्जित।
वस्तु से सीधा संबंध।
प्रत्यक्ष विधि

📝 Topic test — 8 questions

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