हिन्दी व्याकरण (संज्ञा, सर्वनाम, संधि, समास) • Topic 3 of 4

संधि एवं समास

संधि दो वर्णों (या ध्वनियों) के परस्पर मेल से होने वाले विकार को कहते हैं; उन्हें अलग करना संधि-विच्छेद कहलाता है। इसके तीन भेद हैं। स्वर संधि — दो स्वरों के मेल से, जैसे विद्या + आलय = विद्यालय (अ/आ + अ/आ = आ, दीर्घ संधि), सूर्य + उदय = सूर्योदय (अ + उ = ओ, गुण संधि), देव + इंद्र = देवेंद्र (अ + इ = ए, गुण संधि), महा + ईश = महेश। व्यंजन संधि — व्यंजन के साथ व्यंजन या स्वर के मेल से, जैसे सत् + जन = सज्जन, उत् + हार = उद्धार, जगत् + ईश = जगदीश। विसर्ग संधि — विसर्ग (ः) के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से, जैसे निः + आहार = निराहार, मनः + रथ = मनोरथ, दुः + ख = दुःख का दुष्कर (दुः + कर = दुष्कर)। समास दो या अधिक पदों के मेल से बने संक्षिप्त पद को कहते हैं और उन्हें खोलना समास-विग्रह कहलाता है। मुख्य भेद — तत्पुरुष समास में उत्तर पद प्रधान होता है और बीच का कारक-चिह्न लुप्त रहता है (राजपुत्र = राजा का पुत्र, ग्रंथकार)। कर्मधारय में विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय का संबंध होता है (नीलकमल = नीला कमल, चंद्रमुख = चंद्र जैसा मुख)। द्विगु में पहला पद संख्यावाचक होता है और समूह का बोध कराता है (त्रिलोक = तीन लोकों का समूह, नवरत्न)। द्वंद्व में दोनों पद प्रधान होते हैं और बीच में "और/या" का लोप रहता है (माता-पिता = माता और पिता, राजा-रानी)। बहुव्रीहि में कोई भी पद प्रधान नहीं होता, बल्कि दोनों मिलकर किसी तीसरे की ओर संकेत करते हैं (दशानन = दस हैं आनन जिसके अर्थात रावण, पीतांबर = पीला है वस्त्र जिसका अर्थात विष्णु)। अव्ययीभाव में पहला पद अव्यय होता है और पूरा पद अव्यय बन जाता है (यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार, प्रतिदिन = प्रत्येक दिन)।

✅ Solved examples

1. "विद्यालय" का संधि-विच्छेद कीजिए और संधि का भेद बताइए।
विद्या + आलय = विद्यालय। यह स्वर संधि (दीर्घ संधि) है, क्योंकि आ + आ मिलकर "आ" बना (विद्या का अंतिम आ + आलय का आ)।
2. "सूर्योदय" किस संधि का उदाहरण है? विच्छेद कीजिए।
सूर्य + उदय = सूर्योदय। यह स्वर संधि (गुण संधि) है — अ + उ मिलकर "ओ" हो गया।
3. "माता-पिता" तथा "राजा-रानी" किस समास के उदाहरण हैं?
द्वंद्व समास — दोनों पद प्रधान हैं और बीच में "और" का लोप है (माता और पिता, राजा और रानी)।
4. "दशानन" किस समास का उदाहरण है? विग्रह कीजिए।
बहुव्रीहि समास — दशानन = दस हैं आनन (मुख) जिसके, अर्थात रावण। यहाँ कोई पद प्रधान नहीं, दोनों मिलकर तीसरे (रावण) की ओर संकेत करते हैं।

✏️ Practice — try these, take hints as needed

1. "देवेंद्र" का संधि-विच्छेद कीजिए तथा भेद बताइए।
देव + ? ।
अ + इ = ए (गुण संधि)।
देव + इंद्र = देवेंद्र; स्वर (गुण) संधि
2. "सज्जन" किस संधि का उदाहरण है? विच्छेद कीजिए।
सत् + जन।
व्यंजन का व्यंजन से मेल।
सत् + जन = सज्जन; व्यंजन संधि
3. "नीलकमल" किस समास का उदाहरण है? विग्रह कीजिए।
नीला (विशेषण) + कमल (विशेष्य)।
विशेषण-विशेष्य संबंध।
कर्मधारय समास; विग्रह — नीला कमल
4. "त्रिलोक" किस समास का उदाहरण है? विग्रह कीजिए।
पहला पद संख्यावाचक "त्रि" (तीन)।
समूह का बोध।
द्विगु समास; विग्रह — तीन लोकों का समूह

📝 Topic test — 8 questions

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