शब्द-ज्ञान एवं अपठित बोध • Topic 4 of 4

अपठित गद्यांश

अपठित गद्यांश का अर्थ है ऐसा अनदेखा अनुच्छेद जिसे पहली बार पढ़कर उसके आधार पर प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं। यहाँ बाहरी ज्ञान या अपनी राय नहीं, केवल गद्यांश में दी गई बात ही उत्तर का आधार होती है। कारगर रणनीति — पहले प्रश्न पढ़ें ताकि पढ़ते समय आँखें संकेत-शब्द खोजें; फिर गद्यांश को ध्यान से एक बार पूरा पढ़ें और मुख्य/केंद्रीय भाव पकड़ें (पूरा अनुच्छेद किस एक विचार पर टिका है); उपयुक्त शीर्षक वही होगा जो इसी केंद्रीय भाव को संक्षेप में कहे — न बहुत संकीर्ण, न बहुत व्यापक। कठिन शब्दों का अर्थ वाक्य के संदर्भ से तय करें। विस्तृत (वर्णनात्मक) प्रश्नों में उत्तर अपने शब्दों में पर गद्यांश के आधार पर लिखें। अब एक छोटा मौलिक गद्यांश पढ़िए और उसके प्रश्न हल कीजिए — "पेड़ हमारे मूक मित्र हैं। वे बदले में कुछ नहीं माँगते, फिर भी हमें छाया, फल, लकड़ी और शुद्ध हवा देते हैं। एक पेड़ अपने जीवनकाल में जितनी ऑक्सीजन देता है और जितनी कार्बन-डाइऑक्साइड सोखता है, उसका मोल पैसों में नहीं आँका जा सकता। दुख की बात यह है कि हम सड़कें और इमारतें बनाने के लिए हरे पेड़ों को बिना सोचे काट देते हैं। यदि हम हर काटे गए पेड़ के बदले दो नए पौधे लगाने का संकल्प लें, तो आने वाली पीढ़ी को हरी-भरी धरती सौंप सकते हैं।" — इसी गद्यांश पर नीचे के प्रश्न आधारित हैं।

✅ Solved examples

1. उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार पेड़ों को "मूक मित्र" क्यों कहा गया है?
क्योंकि पेड़ बिना कुछ बोले और बिना बदले में कुछ माँगे हमें छाया, फल, लकड़ी और शुद्ध हवा देते रहते हैं — मित्र की तरह उपकार करते हैं पर मूक (चुप) रहते हैं।
2. इस गद्यांश का सबसे उपयुक्त शीर्षक क्या होगा?
"पेड़ — हमारे मूक मित्र" या "वृक्षों का महत्व एवं संरक्षण"। यह शीर्षक गद्यांश के केंद्रीय भाव (पेड़ों की उपयोगिता और उन्हें बचाने) को सही दर्शाता है।
3. लेखक ने पेड़ों को बचाने के लिए कौन-सा ठोस उपाय सुझाया है?
लेखक कहते हैं कि हर काटे गए पेड़ के बदले दो नए पौधे लगाने का संकल्प लें, ताकि आने वाली पीढ़ी को हरी-भरी धरती मिल सके।
4. गद्यांश के अनुसार पेड़ का मोल "पैसों में नहीं आँका जा सकता" — क्यों?
क्योंकि एक पेड़ जीवनभर जितनी ऑक्सीजन देता और जितनी कार्बन-डाइऑक्साइड सोखता है, वह जीवन के लिए अमूल्य है — उसे धन से नहीं मापा जा सकता।

✏️ Practice — try these, take hints as needed

1. उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार पेड़ हमें कौन-कौन-सी वस्तुएँ देते हैं? (कोई तीन)
पहले-दूसरे वाक्य में सूची है।
छाया, फल, लकड़ी और शुद्ध हवा (इनमें से कोई तीन)
2. गद्यांश में "दुख की बात" किसे कहा गया है?
सड़कों-इमारतों वाला वाक्य देखें।
सड़कें और इमारतें बनाने के लिए हरे पेड़ों को बिना सोचे काट देना
3. "मूक" शब्द का गद्यांश के संदर्भ में अर्थ क्या है?
पेड़ बोलते नहीं।
संदर्भ से अर्थ तय करें।
चुप/जो बोल न सके (मौन)
4. इस गद्यांश से हमें क्या प्रेरणा/संदेश मिलता है? (एक वाक्य में)
केंद्रीय भाव बताएँ।
हमें पेड़ों का महत्व समझकर अधिक-से-अधिक पौधे लगाने और उनकी रक्षा करनी चाहिए

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