CTET · Study & Practice

हिन्दी व्याकरण (संज्ञा, सर्वनाम, संधि, समास)

Areaभाषा II — हिन्दी Difficultyमध्यम CTET weightage4–6 प्रश्न (CTET की भाषा II — हिन्दी में व्याकरण से लगभग हर बार पूछे जाते हैं)

CTET की भाषा II (हिन्दी) में व्याकरण का खंड हर प्रश्न-पत्र में 4 से 6 अंक तय करता है, और ये प्रश्न केवल परिभाषा नहीं पूछते — वे शब्द-भेद पहचानने, सही उदाहरण चुनने तथा संधि-विच्छेद या समास-विग्रह करने को कहते हैं। संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया भाषा की बुनियादी इकाइयाँ हैं; काल और वाच्य से वाक्य-रचना तय होती है; और संधि, समास, उपसर्ग तथा प्रत्यय से शब्द-निर्माण की प्रक्रिया समझ में आती है। CTET अक्सर प्रश्न को उदाहरण के भीतर छिपा देता है — जैसे "हिमालय" किस संज्ञा का उदाहरण है, "विद्यालय" का संधि-विच्छेद क्या होगा, या "राजपुत्र" किस समास का उदाहरण है। इस अध्याय में हर भेद की सटीक परिभाषा, परीक्षा में बार-बार आने वाले शुद्ध उदाहरण, सामान्य भूलें और संक्षिप्त उत्तर सहित CTET शैली के अभ्यास-प्रश्न दिए गए हैं, ताकि आप पहचान-आधारित हर प्रश्न आत्मविश्वास से हल कर सकें।

Topics

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  • संज्ञा-भेद पहचानें: कोई विशेष नाम (राम, गंगा, हिमालय) → व्यक्तिवाचक; पूरी जाति (लड़का, नदी) → जातिवाचक; गुण/भाव (मिठास, बचपन) → भाववाचक।
  • क्रिया सकर्मक है या अकर्मक? क्रिया से "क्या/किसको" पूछें — उत्तर (कर्म) मिले तो सकर्मक (पत्र लिखा), न मिले तो अकर्मक (हँसा, सोया)।
  • वाच्य पहचानें: कर्ता प्रधान → कर्तृवाच्य; "के द्वारा" लगे, कर्म प्रधान → कर्मवाच्य; "मुझसे/उससे ... नहीं जाता" (असमर्थता, अकर्मक) → भाववाच्य।
  • संधि का भेद: दो स्वर मिलें → स्वर संधि (विद्या+आलय); व्यंजन का व्यंजन/स्वर से मेल → व्यंजन संधि (सत्+जन=सज्जन); विसर्ग (ः) हो → विसर्ग संधि (निः+आहार=निराहार)।
  • समास झट से: दोनों पद बराबर + "और" लुप्त → द्वंद्व (माता-पिता); पहला पद संख्या → द्विगु (त्रिलोक); अर्थ किसी तीसरे पर जाए → बहुव्रीहि (दशानन=रावण); विशेषण+विशेष्य → कर्मधारय (नीलकमल)।
  • उपसर्ग शब्द के आगे (प्र+हार), प्रत्यय शब्द के पीछे (पढ़+आई) — "आगे का अग्र = उपसर्ग, पीछे का = प्रत्यय" याद रखें।

⚠️ Common mistakes & traps

CTET loves to test these exact confusions. Internalise each trap before exam day.

  • व्यक्तिवाचक और जातिवाचक संज्ञा में भ्रम — "नदी" जातिवाचक है पर "गंगा" व्यक्तिवाचक; विशेष नाम ही व्यक्तिवाचक होता है।
  • भाववाचक संज्ञा को विशेषण समझ लेना — "मीठा" विशेषण है पर "मिठास" भाववाचक संज्ञा।
  • कर्मवाच्य और भाववाच्य में अंतर भूलना — कर्मवाच्य में कर्म प्रधान ("पत्र लिखा जाता है"), भाववाच्य में केवल भाव/असमर्थता ("मुझसे चला नहीं जाता")।
  • संधि-विच्छेद गलत करना — "सूर्योदय" को सूर्य+ओदय मान लेना; सही है सूर्य+उदय (अ+उ=ओ, गुण संधि)।
  • द्विगु और कर्मधारय में भ्रम — पहला पद संख्यावाचक हो तो द्विगु (त्रिलोक), विशेषण हो तो कर्मधारय (नीलकमल)।
  • बहुव्रीहि को तत्पुरुष समझ लेना — "दशानन" में अर्थ किसी तीसरे (रावण) पर जाता है, इसलिए बहुव्रीहि, न कि "दस मुख" (तत्पुरुष)।

📈 CTET exam insight & PYQ analysis

CTET की भाषा II (हिन्दी) में व्याकरण से प्रायः हर बार 4–6 प्रश्न आते हैं और इनका प्रचलित स्वरूप पहचान-आधारित होता है — दिए गए शब्द/वाक्य का भेद पहचानिए या सही उदाहरण चुनिए। बार-बार आने वाले बिंदु: संज्ञा के भेद (व्यक्तिवाचक बनाम भाववाचक), सर्वनाम के भेद (निजवाचक/निश्चयवाचक), क्रिया का सकर्मक-अकर्मक भेद, काल के उपभेद, वाच्य-परिवर्तन (कर्तृ→कर्म), संधि-विच्छेद (विद्यालय, सूर्योदय, सज्जन), समास-विग्रह एवं भेद (दशानन=बहुव्रीहि, माता-पिता=द्वंद्व, त्रिलोक=द्विगु), तथा उपसर्ग-प्रत्यय पहचान। प्रश्न प्रायः शिक्षण-संदर्भ में भी आते हैं — जैसे प्राथमिक कक्षा में व्याकरण किस विधि से पढ़ाया जाए (आगमन/निगमन, उदाहरण से नियम की ओर)।

🎴 Flashcards — instant recall

Tap a card to reveal the answer. Drill these until they are automatic.

संज्ञा के तीन मुख्य भेद कौन-से हैं?Tap to reveal
जातिवाचक, व्यक्तिवाचक, भाववाचक
"हिमालय" किस संज्ञा का उदाहरण है?Tap to reveal
व्यक्तिवाचक संज्ञा
सर्वनाम के कितने भेद होते हैं?Tap to reveal
छह — पुरुषवाचक, निश्चयवाचक, अनिश्चयवाचक, संबंधवाचक, प्रश्नवाचक, निजवाचक
सकर्मक और अकर्मक क्रिया में मूल अंतर?Tap to reveal
सकर्मक में कर्म होता है (पत्र लिखा), अकर्मक में कर्म नहीं होता (हँसा, सोया)
"वह आया था" किस काल का उपभेद है?Tap to reveal
भूतकाल — पूर्ण भूत
"राम के द्वारा पत्र लिखा जाता है" किस वाच्य का उदाहरण है?Tap to reveal
कर्मवाच्य
"विद्यालय" का संधि-विच्छेद और भेद?Tap to reveal
विद्या + आलय; स्वर (दीर्घ) संधि
"सज्जन" किस संधि का उदाहरण है?Tap to reveal
व्यंजन संधि (सत् + जन)
"दशानन" किस समास का उदाहरण है?Tap to reveal
बहुव्रीहि समास (अर्थ — रावण)
"माता-पिता" किस समास का उदाहरण है?Tap to reveal
द्वंद्व समास
उपसर्ग और प्रत्यय में अंतर?Tap to reveal
उपसर्ग शब्द के आगे जुड़ता है (प्र+हार), प्रत्यय शब्द के अंत में (पढ़+आई)
"मानवता" में प्रत्यय कौन-सा और किस प्रकार का है?Tap to reveal
प्रत्यय "ता"; तद्धित प्रत्यय

📌 Quick revision

हिन्दी व्याकरण के इस अध्याय में चार केंद्रीय खंड हैं। पहला — शब्द-भेद: संज्ञा (जातिवाचक/व्यक्तिवाचक/भाववाचक), सर्वनाम (छह भेद), विशेषण (गुण/संख्या/परिमाण/सार्वनामिक) और क्रिया (सकर्मक/अकर्मक)। दूसरा — काल (भूत/वर्तमान/भविष्यत् एवं उनके उपभेद) तथा वाच्य (कर्तृ, कर्म, भाव)। तीसरा — संधि (स्वर: विद्या+आलय=विद्यालय; व्यंजन: सत्+जन=सज्जन; विसर्ग: निः+आहार=निराहार) और समास (तत्पुरुष, कर्मधारय, द्विगु, द्वंद्व, बहुव्रीहि, अव्ययीभाव — जैसे दशानन=बहुव्रीहि, माता-पिता=द्वंद्व)। चौथा — शब्द-रचना: उपसर्ग शब्द के आगे (प्र+हार=प्रहार) और प्रत्यय शब्द के अंत में (पढ़+आई=पढ़ाई, मानव+ता=मानवता)। CTET में अधिकांश प्रश्न पहचान-आधारित होते हैं, इसलिए शुद्ध उदाहरणों के साथ भेद पहचानने का अभ्यास सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।

Chapter test

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  • Solve each topic’s practice set with at least 80% accuracy
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📋 Chapter mastery scorecard

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Skill checkpointTarget
Concept theory & formulas understood100%
Topic practice sets attempted (4 topics)4/4
Best topic-test score— → 80%+
Chapter test score— → 80%+
Flashcards drilled to instant recall12 cards